नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि मलेरियां के इलाज में इस्तेमाल किया जाने वाला क्लोरोक्वीन और एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन कारगर साबित हो सकता है। शनिवार शाम को उन्होंने इस संबंध में ट्वीट करके कहा कि दवा के इतिहास में मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाले हाईड्रोक्लोरोक्वीन और एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन का मेल बड़ा बदलाव ला सकता है। इस संबंध में अमेरिका फूड एंड ड्रग एडिमिनिस्ट्रेशन(एफडीए) ने बड़ा काम किया है। वे बधाई के पात्र हैं।

 

HYDROXYCHLOROQUINE & AZITHROMYCIN, taken together, have a real chance to be one of the biggest game changers in the history of medicine. The FDA has moved mountains – Thank You! Hopefully they will BOTH (H works better with A, International Journal of Antimicrobial Agents)…..

— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) March 21, 2020

अब से दो दिन पहले वे एक प्रेस वार्ता में कोरोना से जंग में हाईड्रोक्लोक्वीन की दवा को कारगर बता चुके हैं। बता दें कि अमेरिका में कोरोना के 7,701 मरीज और 118 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, शनिवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोरोना की दवाइयों पर अभी कुछ भी बोलना जल्द बाजी होगी। इस मामले में रिसर्च करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इस पर रिसर्च करने की जरुरत है।

 

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