लाहौर। धारावाहिक लेखक खलील-उर रहमान कमर खुद को “पाकिस्तान का सबसे बड़ा नारीवादी” कहते हैं लेकिन इस हफ्ते लाइव टेलीविजन पर महिला अधिकार कार्यकर्ता को अपशब्द कहकर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। ये अपशब्द ऐसे समय में बोले गए हैं जब अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पाकिस्तान के कई शहरों में हजारों लोग मार्च निकालने वाले थे। किसी महिला के साथ इस तरह के बर्ताव ने बेहद रूढ़िवादी देश में अधिक स्वतंत्रता की मांगों को और तेज कर दिया है जहां ऐसी मांगों को नजरअंदाज करना कई बार निंदा का कारण बन सकता है। 

 

कार्यकर्ता मारवी सिरमद को निशाना बनाकर की गई कमर की टिप्पणियां वायरल हो गईं जो महिला अधिकारों एवं सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर पाकिस्तान के उग्र संवाद को विशिष्ट रूप से दर्शाती हैं। आगामी ‘औरत मार्च’ पर टेलीविजन पैनल की चर्चा के दौरान कमर ने मार्च के नारे “माय बॉडी, माय च्वाइस’’ पर निशाना साधा। उन्होंने सिरमद से कहा कि ‘‘कोई आपके शरीर पर थूकेगा भी नहीं”। साथ ही कहा कि वह एक “घटिया महिला” हैं जिन्हें ‘‘अपना मुंह बंद” रखना चाहिए।

इसके बाद ही इसे लेकर त्वरित प्रतिक्रियाएं देखने को मिली जहां स्थानीय दिग्गज मीडिया कंपनी जियो इंटरटेनमेंट ने कमर के साथ हाल ही में धारावाहिक लिखने के लिए किये गए करार को खत्म कर दिया जबकि नेताओं एवं हस्तियों ने सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना की। नाटक समालोचक सदा‍फ हैदर ने कहा कि कमर का नजरिया “महिलाओं से बेहद नफरत’’ करने वाला है जो वह अपने धारावाहिकों में भी परोसते हैं। साथ ही उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के विमर्श पाकिस्तान में “महिला अधिकारों के ध्येय को पूरा करने में मदद नहीं कर रहे हैं। कमर ने बार-बार अनुरोध पर भी इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं की हालांकि वह अन्य कार्यक्रमों में नजर आए जहां उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया और सिरमद पर प्रसारण के दौरान उन्हें बीच में टोकने का आरोप लगाया।

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