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‘आधी आबादी’ को उसका हक़ दिलाने के लिए ईमानदारी से हो संघर्ष : ओम बिरला

 

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि महिला सशक्तिकरण में देश ने बड़ी सफलता पाई है लेकिन इस दिशा में अभी बहुत प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्हें विश्वास है कि ‘आधी आबादी’ को उसका हक़ दिलाने के संघर्ष में ईमानदारी से प्रयास किए जायेंगे जिससे समानता से संबंधित संवैधानिक लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।

ओम बिरला ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन को सुनिश्चित करने की महिलाओं की सहज और स्वाभाविक क्षमता होती है। वे धैर्य, दृढ़ता और कुशाग्रता की साक्षात प्रतिमूर्ति होती हैं। उनकी शक्ति, उनकी दृढ़ता और श्रमसाध्य कार्यों को भी ध्यानपूर्वक करने की उनकी क्षमता में निहित है।

उन्होंने कहा कि भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही महिलाएं उत्तरोत्तर सावर्जनिक जीवन में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। अर्थव्यवस्था, राजनीति, प्रशासन या अन्य किसी क्षेत्र में देश की बहन-बेटियां निर्णय लेने की प्रक्रिया और अन्य भूमिकाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

बिरला ने कहा कि वह समाज के विभिन्न वर्गों से आह्वान करते हैं कि महिलाओं, विशेषतः गर्भवती महिलाओं के सुपोषण हेतु प्रयास करें जिससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में नागरिक समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उन्हें विश्वास है कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की समान सहभागिता हमारी राष्ट्रीय पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को सशक्त सम्बल देगी और भारत को विश्व पटल पर उसका उचित स्थान दिलाएगी।

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