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नागरिकता बिल पर मुस्लिम संगठनों ने लिया ये बड़ा निर्णंय, जल्द करने जा रहे कुछ ऐसा

 

नई दिल्ली। नागरिकता संसोधन बिल का असम की राजधानी गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ समेत कई इलाकों में उग्र प्रदर्शन देखने को मिल रहा हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों और अफवाहों को रोकने के लिए मालदा, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का फैसला किया है। वही जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविधालय में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। जामियानगर से ओखला तक मार्च निकाला गया है जिससे यातायात बाधित हुआ। रविवार शाम जामिया में हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई बसों में आग लगा दी है।

आग बुझाने के लिए दमकल की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने दमकल एक गाड़ी में भी तोड़फोड़ की जिसमें एक फायरमैन को चोट लगी है। जामिया के छात्रों ने आज शाम दक्षिणी दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। वही अब नागरिकता संशोधन कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के तत्वाधान में रविवार को यहां आयोजित बैठक में आंदोलन को लेकर एक मुस्लिम समन्वय समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही आगामी दो जनवरी को कोच्चि में विभिन्न संगठनों की बैठक आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। झारखंड विधानसभा चुनाव के पांचवे चरण के चुनाव प्रचार में पीएम मोदी ने कहा कि हमारी संसद ने नागरिकता से जुड़ा एक बदलाव किया, ताकि पड़ोसी देश में रहने वाले हिन्दुओं, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध, जैन को नागरिकता मिल सके।

इसके लिए भारत की दोनों सदनों ने बहुमत से बिल पास किया। कांग्रेस और उसके सहयोगी तूफान खड़ा कर रहे हैं। ये आग लगाने वाले कौन हैं, ये उनके कपड़ों से पता चल जाता है। उन्होनें आगे कहा की कांग्रेस और उनके साथी, हमारा विरोध करने वाले लोगों, अगर समझ सको तो समझो, देश आपकी करतूतें देख रहा है और देश का विश्वास का पक्का हो जा रहा है कि मोदी ने, देश की संसद ने, भारत की सरकार ने नागरिकता का कानून बनाकर देश को बचा लिया है।

 

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