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सीरीज़ पर टीम इंडिया का 4-1 से कब्ज़ा


वेलिंगटन में आज टीम इंडिया की जीत जोरदार रही। मेरे ख्याल से सीरीज़ का सबसे शानदार और रोमांचक मैच आज का ही रहा। ज़रा सोचें, टीम इंडिया एक समय 18 रन पर चार विकेट। कोई भाव देने को तैयार नहीं। कप्तान रोहित शर्मा, शिखर धवन, महेंद्र सिंह धोनी जैसे धुरंधर और नवोदित शुभमन गिल आउट हो चुके थे। ऐसा लग रहा रहा हैमिलटन की परफॉरमेंस फिर दोहराई जाएगी जिसमें टीम इंडिया 92 रन बना सकी थी और 8 विकेट से मैच बुरी तरह हारी थी। लेकिन क्रिकेट में कब क्या हो जाए, सिर्फ ऊपर वाला ही जानता है। टीम इंडिया के नसीब में ऐसा कभी-कभी ही होता है। लेकिन इधर ज़्यादा होने लगा है, ये अच्छी बात है। अंबाती रायडू और आल राउंडर विजय शंकर, जिन पर किसी को ज़्यादा भरोसा कभी नहीं रहा, मौके पर उठे और दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 98 रन की मोरल बूस्टिंग पार्टनरशिप हुई। शंकर (45) के आउट होने के बाद रायडू के साथ मोर्चा केदार जाधव ने संभाला। 74 रन की एक और दिल बढ़ाने वाली साझेदारी हुई।
रायडू ने शानदार 90 (5 चौके और चार छक्के) रन बनाये, जिसके लिए उन्हें बाद में मैन ऑफ़ मैच भी चुना गया। उनके आउट होने के बाद भी टीम इंडिया सुरक्षित नहीं थी। मंज़िल अभी दूर थी। न्यूज़ीलैंड को चैलेंज करने के लिए कम से कम ढाई सौ रन की ज़रूरत थी, जो उन हालात में बनते दिख नहीं रहे थे।
लेकिन हार्दिक पांड्या ने कहानी बदल दी। उन्होंने पांच गगनचुंबी छक्कों के साथ 22 गेंद में 45 रन बनाये। आज वो पूरे मूड में थे। करण जौहर के साथ काफ़ी पर महिलाओं पर चर्चा के लिए उन्हें बीसीसीआई ने भले माफ़ कर दिया हो लेकिन दिल में सख्त मलाल रहा होगा कि करण के उकसावे में आकर महिलाओं के बारे में अनाप-शनाप क्यों बोला। उस पर पानी डालने के लिए इसी तरह की बेहतरीन परफॉरमेंस की सख्त ज़रूरत थी। उन्होंने बाद में दो विकेट भी लिए।
टीम इंडिया ने 252 रन बनाये। ये मैच जिताऊ स्कोर भले नहीं था लेकिन चुनौतीपूर्ण ज़रूर था। और न्यूज़ीलैंड ने इसे स्वीकार भी किया। केन विलियम्सन और लैथम जिस मुस्तैदी से बैटिंग कर रहे थे उससे खतरा टीम इंडिया पर मंडराने लगा। ये तो अच्छा रहा कि रहा कि केदार जाधव की बॉल पर विलियम्सन (39) को धवन ने कैच कर लिया। ये मैच का टर्निंग पॉइंट भी रहा। इसके लिए केदार को विशेष अवार्ड भी दिया गया। इसके बाद किसी भी स्टेज पर ऐसा नहीं लगा कि टीम इंडिया हार सकती है। थोड़े-थोड़े अंतराल पर न्यूज़ीलैंड के विकेट गिरते रहे। यजुर्वेंद्र चहल ने तीन विकेट लिए। अब वो भी जादुई गेंदबाज़ का रुतबा हासिल कर चुके हैं। मो. शमी ने आज भी दो विकेट लिए। इसके साथ ही सीरीज़ में उनके 9 विकेट हो गए। हालांकि न्यूज़ीलैंड के बोल्ट ने 12 विकेट लिए लेकिन मैन ऑफ़ सीरीज़ शमी ही बने, इसलिए कि उन्होंने पूरी सीरीज़ में शानदार बॉलिंग की।
आखिर में न्यूज़ीलैंड 45वें ओवर में 217 रन बना कर आउट हो गयी। और टीम इंडिया ने 35 रन से न सिर्फ मैच जीता बल्कि सीरीज़ भी 4-1 से अपने नाम कर ली। टीम इंडिया खुश है कि पहले कंगारूओं को और फिर कीवियों को हराया है। अभी 3 टी20 की सीरीज भी है। देखते है आगे टीम इंडिया क्या यह टी20 सीरीज भी जीत लेगी।

                          ~वीर विनोद छाबड़ा (फ़िल्म समीक्षक एवं क्रिकेट के जानकार)

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