चंदौली (यू.पी.) के लिए 31 दिसम्बर की रात जब छोटे छोटे कस्बों, बाजारो,नगरों मे नये साल के स्वागत मे रंगीन हो रही थी,उसी रात चकियाके माल्दह गाँव में अपराधयों /पशु यह तस्करो की पिकप ने सात लोगों को उनके छप्पर के नीचे नीद मे ही रोद दिया. उनके सपने उन्ही के आखों मे पथरा गये और परिवार वालो के आखो मे आँसु बनकर सुख गये.इसे क्या कहा जाय ? पशु तस्कर व पुलिस की नूरा कुश्ती ?.यह दु:खद घटना पर स्वराज अभियान व मजदूर किसान मंच पीडित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है व मुआवजे की मांग करते हुए आए दिन सत्ता धारी नेताओं व पुलिस की शह पर चकिया में हो रही पशुओं की तस्करी की जांच करने की मांग किया है।स्वराज अभियान के नेता व मजदूर किसान मंच के संगठन प्रभारी अजय राय ने माल्दह गाँव का दौरा करने के बाद कहा कि चन्दौली चकिया बिहार वार्डर के सड़क के अगल बगल के गाँव वासी समय समय पर पशुओं की तस्करी करने वाले पशुतस्करो की भाग दौड व रोजाना ओवर लोडेड ट्रकों की आवागमन से परेशान होकर आवाज उठाते रहते थे लेकिन प्रशासन मौन था योगी सरकार से मृतक परिजनों के लिए उचित मुआवजा की मांग दे वही. यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली को शर्मसार कर देने वाली कराय दिया. ज्ञात्वय हो कि नव वर्ष का अभी अंधेरा भी नहीं छंटा था कि इलिया थानाक्षेत्र के मालदह गांव से होकर जाने वाली सड़क से एक तेज रफ्तार डीसीएम ट्रक बिहार की ओर जा रही थी। मालदह पुलिया के पास अचानक अनियंत्रित होकर प्रतिबंधित पशु लदा ट्रक सड़क के किनारे उतर गयी और बिजली का पोल तोड़ते ही वहां अस्थायी कच्चे मकान (मड़ई) को रौंदते हुए खेत में जा धंसी। घटना में मकान में सो रहे परिवार के आठ लोग कुचल गए, जिसमें से खलिहान में सो रहे परिवार का मुखिया कल्लू राम (65), सड़क किनारे मड़ई में सो रही पत्नीश्यामा देवी (60), पुत्र रामकिशुन (32) व पत्नी सुहागिन (28), निशा (10), गोलू (8), मुन्नी (6) व मोलू (4) की मौत हो गयी। छह लोगों की मौके पर ही मौत हो हुई, जबकि दो घायलों में से एक ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया।

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